यथा भारतवसुधैव कुटुम्बकम्Yatha Bharat
शास्त्र · ज्ञान · स्वास्थ्य

कालातीत ज्ञान, आज के भारत के लिए सरल

गीता, रामायण और सुंदरकांड अर्थ सहित और अर्थ के बिना पढ़ें, हर आरती का पाठ करें, और स्वास्थ्य व परंपरा के समाचार व पॉडकास्ट से जुड़े रहें।

आज का श्लोक (Verse of the Day)

Bhagavad Gita 2.47

कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन | मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि ||

Your right is to work only, but never to its fruits; let not the fruit of action be your motive, nor let your attachment be to inaction.

पवित्र ग्रंथ पढ़ें

जो कुछ हम आपके लिए तैयार कर रहे हैं। ‘जल्द आ रहा है’ वाले ग्रंथ तैयार होते ही यहीं खुल जाएँगे।

महाकाव्य

वाल्मीकि रामायणजल्द आ रहा हैश्रीराम की कथा, कांड-दर-कांड, अर्थ सहित और अर्थ के बिना।
सुंदरकांडजल्द आ रहा हैहनुमान जी की लंका यात्रा, चौपाई-दर-चौपाई, अर्थ सहित और अर्थ के बिना।
महाभारतजल्द आ रहा हैभरत वंश का महाकाव्य, पढ़ने योग्य खंडों में।

दैनिक प्रार्थना

आरतीहर देवता की आरती: पढ़ें, साथ गाएँ और अनुसरण करें।
हनुमान चालीसाजल्द आ रहा हैचालीस चौपाइयाँ, अर्थ सहित और अर्थ के बिना।
मंत्रजल्द आ रहा हैदैनिक मंत्र, उच्चारण और अर्थ सहित।
स्तोत्रजल्द आ रहा हैदैनिक पाठ के लिए भक्ति स्तोत्र।

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