यथा भारतवसुधैव कुटुम्बकम्Yatha Bharat
पुस्तकालय (Library)

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भारत की आध्यात्मिक और ऐतिहासिक विरासत के विशाल भंडार का अन्वेषण करें। उपनिषदों के गहन दर्शन से लेकर आरती के दैनिक पाठ तक।

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तैयारी जारी है। पाठ तैयार होते ही यहाँ खुल जाएगा।

श्रीमद्भगवद्गीतासभी 18 अध्याय: संस्कृत, लिप्यंतरण, अर्थ और आधुनिक व्याख्या।उपनिषदवेदांत के मूल दार्शनिक ग्रंथ।
वाल्मीकि रामायणजल्द आ रहा हैश्रीराम की कथा, कांड-दर-कांड, अर्थ सहित और अर्थ के बिना।
सुंदरकांडजल्द आ रहा हैहनुमान जी की लंका यात्रा, चौपाई-दर-चौपाई, अर्थ सहित और अर्थ के बिना।
महाभारतजल्द आ रहा हैभरत वंश का महाकाव्य, पढ़ने योग्य खंडों में।
आरतीहर देवता की आरती: पढ़ें, साथ गाएँ और अनुसरण करें।
हनुमान चालीसाजल्द आ रहा हैचालीस चौपाइयाँ, अर्थ सहित और अर्थ के बिना।
गजेंद्र मोक्षजल्द आ रहा हैभागवत पुराण में गजराज की प्रार्थना, अर्थ सहित और अर्थ के बिना।
मंत्रजल्द आ रहा हैदैनिक मंत्र, उच्चारण और अर्थ सहित।
स्तोत्रजल्द आ रहा हैदैनिक पाठ के लिए भक्ति स्तोत्र।